किसान कुंभ 2026 में गरजे राकेश टिकैत, बोले- ग्रामीण भारत को बचाने के लिए एकजुट होना होगा
17 June 2026 13:52 IST
| लेखक:
The Pillar Team
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हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर “किसान कुंभ 2026” के दौरान देशभर से पहुंचे किसानों ने कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए।
हरिद्वार के वीआईपी घाट और लाल कोठी परिसर में आयोजित इस शिविर में सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। आसपास के जिलों से भी किसान ट्रैक्टरों के माध्यम से कार्यक्रम स्थल पहुंचे और लंगर व भंडारे की सेवा में सहयोग किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग आज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते आर्थिक परिदृश्य में ग्रामीण भारत को मजबूत बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
राकेश टिकैत ने कहा कि यदि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होती है तो उसका असर पूरे देश की आर्थिक संरचना पर पड़ेगा। उन्होंने किसानों से संगठित रहने और गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उनके अनुसार आने वाले समय में आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना केवल एकजुटता और मजबूत जनसंगठन के माध्यम से ही किया जा सकता है।
उन्होंने बढ़ती महंगाई को भी आम लोगों के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि सीमित आय वाले परिवारों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। टिकैत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की मजबूती ही देश की वास्तविक आर्थिक शक्ति है और इसे सुरक्षित रखने के लिए व्यापक स्तर पर संवाद और जनजागरण की आवश्यकता है।
शिविर में महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों के किसान नेताओं एवं संगठन पदाधिकारियों ने भाग लिया। विभिन्न वक्ताओं ने किसानों की समस्याओं, कृषि नीतियों, ग्रामीण विकास और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आगामी समय में देशहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श जारी रखने की बात कही। भारतीय किसान यूनियन ने संकेत दिए कि चिंतन शिविर के निष्कर्षों के आधार पर भविष्य की रणनीति और नीतिगत निर्णय तैयार किए जाएंगे।
किसान कुंभ 2026 के इस आयोजन को किसानों के बीच संवाद, संगठन विस्तार और ग्रामीण भारत से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर की चर्चा के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।

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