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लोकसभा में गूंजा किसानों, युवाओं और आम जनता का मुद्दा: नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने वित्त विधेयक 2026 पर उठाए तीखे सवाल

लोकसभा में गूंजा किसानों, युवाओं और आम जनता का मुद्दा: नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने वित्त विधेयक 2026 पर उठाए तीखे सवाल


नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा में नागौर से सांसद Hanuman Beniwal ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और मध्यम वर्ग से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। उनके भाषण में देश की जमीनी हकीकत और आम जनता की परेशानियों की झलक साफ दिखाई दी।

किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरा

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सांसद बेनीवाल ने सबसे पहले किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कर्ज माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। उनका कहना था कि अगर देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है, तो किसानों की हालत इतनी खराब क्यों है।

OPS और अग्निवीर योजना पर सवाल

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बेनीवाल ने पैरा मिलिट्री और केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने अग्निवीर योजना की आलोचना करते हुए नियमित सेना भर्ती को फिर से शुरू करने की आवश्यकता जताई। ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पैरा मिलिट्री जवानों को “शहीद” का दर्जा देने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई।

महंगाई और बेरोजगारी पर चिंता

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उन्होंने कहा कि देश में महंगाई सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। खाद्य पदार्थों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग की थाली से पोषण गायब होता जा रहा है।
साथ ही उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार से ठोस समाधान पेश करने की मांग की।

कॉरपोरेट बनाम आम जनता

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बेनीवाल ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियां बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में झुकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कॉरपोरेट्स को टैक्स में राहत दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता पर अप्रत्यक्ष करों का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जिससे आर्थिक असमानता बढ़ रही है।

राज्यों के साथ वित्तीय अन्याय का आरोप

उन्होंने संघीय ढांचे की बात करते हुए कहा कि राज्यों को उनका उचित वित्तीय हिस्सा समय पर नहीं मिल रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे क्षेत्रों में पर्याप्त बजट वृद्धि न होने पर भी उन्होंने चिंता जताई।

नागौर और पश्चिमी राजस्थान के लिए विशेष मांगें

सांसद बेनीवाल ने अपने क्षेत्र नागौर सहित पश्चिमी राजस्थान के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें सदन में रखीं:
• सरकारी स्कूलों को बंद न करने की मांग
• नागौर में SBI का RBO कार्यालय पुनः शुरू किया जाए
• बीमा कंपनियों का क्लेम हब नागौर में स्थापित हो
• पश्चिमी राजस्थान के लिए विशेष जल योजना लाई जाए
• किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का दायरा बढ़ाकर लाभ दिया जाए
• सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये की जाए
• सांसद कोष को न्यूनतम 20 करोड़ रुपये वार्षिक किया जाए
• KCC में ब्याज सहायता योजना की शर्तों में ढील दी जाए
• ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीयकृत बैंकों की नई शाखाएं खोली जाएं

“वित्त विधेयक सिर्फ आंकड़ों का नहीं, दिशा का दस्तावेज”

अपने भाषण के अंत में बेनीवाल ने कहा कि वित्त विधेयक केवल टैक्स और प्रावधानों का संग्रह नहीं होता, बल्कि यह देश की आर्थिक दिशा तय करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है।

निष्कर्ष

नागौर सांसद का यह भाषण सरकार की नीतियों पर सीधा सवाल खड़ा करता है और यह दिखाता है कि संसद में आज भी जमीनी मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आम जनता को कितनी राहत मिलती है।


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